ट्रेन वाली लड़की

दोस्तो आज मैं आपको अपनी एक काहनी सुनाने जा रहा हु जब मुझे एक लड़की से ट्रेन मे पहली बार प्यार हुआ वो मेरा पहली नजर का पहला प्यार था जिसे मैं अपनी सारी ज़िंदगी मैं कभी नही भूल सकता।

सबसे पहले मैं आपको अपने बारे मैं बता दू की मेरा नाम अनुज (बदला हुआ नाम) हैं। मै 5 फुट 10 एंच लंबा हु ओर मेरा रंग साफ है। मै हर रोज जिम जाता हु मेरी बॉडी काफी अच्छी हैं। मैं MBA करने के बाद एक MNC कंपनी मे एक अच्छी पोस्ट पर हु।

जब 2012 मैं मैंने अपनी MBA कंप्लीट की तो उसके बाद एक अच्छी इन्शुरेंस कंपनी म मेरी जॉब लगी मेरी कंपनी ने मुझे ट्रेनिंग क लिए कानपुर भेजा ओर फिर जब अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मे ट्रेन से वापस घर आ रहा था | तब हमारी ट्रेन आगरा स्टेस्न पर रुकी तो मैं पानी की बोटल लेने बाहर चला गया। ओर फिर जब ट्रेन ने हॉर्न दिया तो भाग कर ट्रेन मे चढ  गया ओर फिर जैसे ही मे अपनी शीट पर पहुचा तो देखा की वहा पर 1 एक बहुत ही सुंदर लड़की मेरी शीट पर बैठी थी। उस लड़की को देख कर मेरे दिल से आहा निकल गयी की व्हा क्या लड़की हैं। लग रहा था की भगवान ने बहुत ही फुर्सत से बनाया होगा उससे।  फिर मैंने अपना ध्यान उस लड़की से हटा के उससे बोला की ये मेरी शीट हे। तो उसने कहा की मे बहुत परेसान हु प्लीज आप मुझे यही बैठ जाने दो अगर आपको कोए प्र्ब्लेम ना हो तो। उसने ये भी कहा की मैं बहुत ही थकी हारी हु। ओर मैं उससे मना नही कर पाया।

फिर थोड़ी देर बादमैंने उससे पूछा की आप कहा से हो ओर आप जा कहा रही हो। तो उसने मुझे बताया की वो हरयाणा के पलवल से हु ओर आगरा एक्जाम देने आई थी। ओर फिर उसने मुझे भी पूछा तो मैंने उससे बताया की मैं अपनी ट्रेनिंग कंप्लीट करके आया हु ओर मे भी पलवल से ही हु। फिर हम दोनों के बीच बात सुरू हो गयी। हमने एक दूसरे के परिवार की बात की, एडुकेशन सिस्टम की बात की, देस की बात की,नौकरी की बात की, राजनीति की बाते की ओर फिर लास्ट मे मॉडर्न कल्चर की बाते करते करते गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड तक बाते पहुच गयी। फिर उसने मुझे पूछा की आपकी कोए गर्लफ्रेंड हैं तो मैंने उसे बताया की मेरी कोए गर्लफ्रेंड नही ह तो उसने बोला की झूठ मत बोलो एसा हो ही नही सकता की आपकी गर्लफ्रेंड ना हो तो साथ के साथ मैंने भी उससे पूछ लिया की क्या तुम्हारा कोए बॉयफ्रेंड ह तो उसने कहा नही।  तो मैंने भी उससे कहा की एसा कैसे हो सकता ह की तुम्हारा बॉयफ्रेंड ना हो तो वो मुस्कराने लगी ओर उसकी वो मुस्कुराहट मेरी जान ले गयी। ओर उसकी बात करने का तरीका उसकी आवाज से मुझे एसा लग रहा था की मै उसे बहुत सालो से जनता हु।

ओर फिर धीरे धीरे हम पलवल की ओर बढ्ने लगे। मैं उससे बोलना चाहता था की मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो क्या आप मेरी गर्लफ्रेंड बनना पसंद करोगी ओर बस मैं ये ही सोच रहा था की उससे कैसे ये बात कहु। जैसे ही मैंने उससे बात करने की हिम्मत की तो देखा की हम पलवल रेलवे स्टेस्न पर पहुच चुके थे ओर वो अपना समान निकालने लगी। तो मेरा पूरा सरीर कापने लगा उससे अलग होने का सोच कर जब तक मैं अपने आप को कंट्रोल करता तब तक वो ट्रेन से निकाल चुकी थी ओर मूड मूड कर मुझे देख रही थी पर मैं इतना बड़ा फटटू, पागल, बेवकूफ था की ना तो उसका नाम पूछ पाया, ना उससे अपने दिल की बात बोल पाया ओर ना ही मोबाइल नंबर ले पाया ओर ना ही ये पूछ पाया की पलवल मे वो कहा रहती ह।  आज तक उस लड़की का चेहरा मेरे आंखो के सामने हैं। ओर सबसे बड़ी बात ये ह की पलवल मे होते हुये भी आजतक मे दोबारा उसे नही देखा पाया।

उससे फिर से मिलने क लिए मैंने पलवल के सारे कॉलेज ओर कोचिंग क्लास, इन्स्टीटूटेस पर घुम लिए पर वो उसके बाद मुझे कही नही दिखी। आज भी जब मे पलवल की किसी भी गली या सड़क से निकलता हु तो मन मे कही ना कही ये लगता हे की वो चेहरा फिर से कही दिख जाए ओर मे उससे अपनी दिल की सारी बाते बोल दू। पर मुझे लगता ह भगवान को कुछ ओर ही मंजूर था तभी तो आज तक वो मुझे कही नही दिखी।

 

ये थी मेरी कहानी एक ट्रेन वाली लड्की