वायुसेना को मिला तेजस जानिए क्या है इसमें खास

आखिरकार वायुसेना में शामिल हो चुका है स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान

देशी तकनीक से बना भारत का पहला हल्का लड़ाकू विमान तेजस कार्यकुशलता में किसी भी विमान से पीछे नहीं है।

तेजस भारत का पहला लड़ाकू विमान है जिसमें रडार वार्नर और जैमर उपकरण लगे हैं।

लेजर निर्देशित मिसाइलों के साथ छह बार तेजस को परखा जा चुका है।

आर-73 मिसाइल के साथ तेजस को गोवा, जैसलमेर और जामनगर में 10 बार से अधिक परखा जा चुका है।

तेजस के साथ रूसी गन को भी जोड़ा जा चुका है। इसका जमीनी परीक्षण नासिक में पहले ही किया जा चुका

एचएएल एलसीए लेह, जामनगर, जैसलमेर, उत्तरलाई, ग्वालियर, पठानकोट और गोवा जैसी जगहों पर इसके परीक्षण कर चुका है जिनमें ठंडे मौसम, युद्ध साजो सामान एवं हथियार पहुंचाने, मल्टी मोड रडार, रडार वार्निंग रिसीवर, गर्म मौसम और मिसाइल दागने जैसे उड़ान परीक्षण शामिल.